*ई-कचरा प्रबंधन पर विद्यार्थियों को किया जागरूक*

*ई-कचरा प्रबंधन पर विद्यार्थियों को किया जागरूक*
*ई-कचरा प्रबंधन पर विद्यार्थियों को किया जागरूक*
*ई-कचरा प्रबंधन पर विद्यार्थियों को किया जागरूक*

*ई-कचरा प्रबंधन पर विद्यार्थियों को किया जागरूक*

बरगांव। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरगांव में आज इको क्लब के तत्वावधान में ई-कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य श्री जे. आर. मांझी ने की।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ई-कचरे के उचित प्रबंधन की जानकारी देते हुए बताया गया कि मोबाइल, कंप्यूटर, चार्जर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा लिथियम बैटरियों को सामान्य कचरे के साथ फेंकना या जमीन में दबाना पर्यावरण के लिए हानिकारक हो सकता है। ई-कचरे में मौजूद विभिन्न रसायन एवं धातुएँ मिट्टी और भूजल को प्रदूषित कर सकती हैं। वहीं लिथियम बैटरियों को क्षतिग्रस्त अथवा अनुचित तरीके से रखने पर आग लगने का खतरा भी बना रहता है।

विद्यार्थियों को ई-कचरे को अलग-अलग एकत्र करने, उसे जलाने अथवा जमीन में दबाने से बचने तथा अधिकृत ई-वेस्ट संग्रह एवं पुनर्चक्रण केंद्रों तक पहुँचाने के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

इस अवसर पर व्याख्याता श्रीमती ज्योति तिर्की, ने अत्यंत सहज और रोचक तरीके से गीला सूखा अन्य वेस्ट और मेडिकल वेस्ट कचरों के प्रबंधन के संबंध मे जानकारी प्रदान की।श्रीमती जया सिंह ने ई कचरा कर प्रबंधन वर्तमान स्वास्थ्य पर ई कचरों के समुचित प्रबंधन के अभाव मे हो रही बीमारी के साथ सजगता से कचरों के प्रबंधन के संबंध मे जानकारी प्रदान की गयी। कार्यक्रम मे प्राचार्य श्री मांझी द्वारा उदबोधन मे छात्र समाज और देश के भविष्य हैँ इस नाते सबसे ज्यादा जानकारी आवश्यक छात्रों को है।ज़ब हम कचरों के लिए स्वयं जिम्मेदार है तो स्वाभाविक तौर पर उसी जिम्मेदारी से हमें कचरों को प्रबंधन की। आवश्यकता है। कार्यक्रम मे  ग्रामीण के नागरिक प्रभुदान कुजूर सहित व्याख्याता श्रीमती रम्भा सिंह एवं श्रीमती सुमन करकेट्टा ने विद्यार्थियों को ई-कचरा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।

इको क्लब कार्यक्रम के प्रभारी मिथलेश कुमार पाठक ने कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को “ई-कचरा अलग करें, पर्यावरण सुरक्षित करें” का संदेश देते हुए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।