जशपुर की साहित्यिक चेतना को नई दिशा:

जशपुर की साहित्यिक चेतना को नई दिशा:
जशपुर की साहित्यिक चेतना को नई दिशा:

जशपुर की साहित्यिक चेतना को नई दिशा: एक मंच पर हुआ अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन, स्थानीय साहित्यकारों और कलाकारों का हुआ सम्मान
जशपुर। प्रतिष्ठित राष्ट्रीय दैनिक 'आज की जनधारा' द्वारा आयोजित 'छत्तीसगढ़ विकास संवाद एवं सम्मान समारोह' में जशपुर की साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत को नई पहचान देने वाला ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जशपुर के साहित्यकारों, शोधकर्ताओं, कलाकारों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया। साथ ही जशपुर के इतिहास, संस्कृति, पर्यटन और सामाजिक चेतना पर आधारित अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया।
इस अवसर पर 'छत्तीसगढ़ विकास स्मारिका–2026' के अंतर्गत प्रकाशित "छत्तीसगढ़ विकास संवाद : विकास और परिवर्तन – जशपुर जन विकास का आधार" शीर्षक विशेष पत्रिका का विमोचन किया गया। यह प्रकाशन अभिव्यक्ति प्रकाशन द्वारा राष्ट्रीय दैनिक 'आज की जनधारा' के सहयोग से प्रकाशित किया गया है, जिसमें जशपुर जिले के विकास, संभावनाओं और उपलब्धियों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण शोधार्थियों एवं इतिहास प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी पुस्तक "जशपुर : एक अध्ययन"जिसमे इतिहास संस्कृति परम्परा और पर्यटन पर शोधपरक प्रकाशन है का विमोचन रहा, जिसके लेखक डॉ. विजय रक्षित हैं।पर्यटन का स्वर्ग – जशपुर", डॉ. विजय रक्षित एवं प्रो. राजीव रंजन तिग्गा द्वारा लिखित पुस्तक, इसके साथ ही जशपुर के सांस्कृतिक एवं सामाजिक पुनर्जागरण के महान प्रेरणास्रोत संत गहिरा गुरु जी के जीवन-दर्शन पर आधारित पुस्तक "जशपुर के सांस्कृतिक सामाजिक पुनर्जागरण के प्रेरणता – संत गहिरा गुरु जी" का विमोचन भी किया गया, जिसे डॉ. मिथिलेश कुमार पाठक एवं डॉ. विजय रक्षित ने संयुक्त रूप से लिखा है।
इसी क्रम मे "नारी सौंदर्य का प्रतीक – गोदना" (डॉ. विजय रक्षित एवं कु. निकिता केरकेट्टा) तथा "जशपुर : इतिहास, लोकजीवन एवं संस्कृति की खोज" जैसी महत्वपूर्ण पुस्तकों का भी लोकार्पण किया गया। इन प्रकाशनों को जशपुर के इतिहास, लोक संस्कृति, जनजातीय परंपराओं एवं पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
कार्यक्रम में जशपुर के साहित्यकारों, कलाकारों एवं शिक्षाविदों को विशेष मंच प्रदान किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के जिला समन्वयक मुकेश कुमार, व्याख्याता राजेंद्र प्रेमी, साहित्यकार श्रीमती शुभा मिश्रा, अधिवक्ता श्रीमती अनीता गुप्ता, साउथ पॉइंट इंग्लिश मीडियम स्कूल की संचालिका, व्याख्याता ममता सिन्हा, डॉ. विजय रक्षित एवं डॉ. मिथिलेश कुमार पाठक सहित अनेक विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने जशपुर की सांस्कृतिक विरासत, साहित्यिक परंपरा और शोधपरक लेखन को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
समारोह में जिले की विभिन्न प्रतिभाओं एवं विशिष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता करते हुए जशपुर के समग्र विकास, संस्कृति संरक्षण और साहित्यिक उन्नयन पर सार्थक चर्चा की।
यह आयोजन केवल पुस्तक विमोचन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जशपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, साहित्यिक सृजन और जनजातीय अस्मिता को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल के रूप में याद किया जाएगा।